महाराष्ट्र डॉक्टर आत्महत्या केस
मकान मालिक का बेटा गिरफ्तार
4 पेज का सुसाइड नोट मिला
इसमें सांसद और उनके 2 PA के भी नाम
महाराष्ट्र के सातारा में फलटण के होटल में सुसाइड करने वाली डॉक्टर का सुसाइड केस में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है
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पुलिस ने डॉक्टर के मकान मालिक के बेटे प्रशांत को हिरासत में लिया है। प्रशांत बांकर पर रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज है।
डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को सुसाइड किया था। उसने अपने हाथ पर लिखे नोट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर पर मेंटली हेरैस करने का आरोप लगाया है।
हथेली पर सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने का नाम भी लिखा था। आरोप है कि बदने ने पिछले 5 महीने में 4 बार डॉक्टर का रेप किया। बदने भी आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने का दबाव बना रहा था।मृतक ने पुलिस सब इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर रेप का आरोप लगाया।
डॉक्टर ने लिखा- सांसद के दो पीए अस्पताल आए
गोपाल बदने भी रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। CM देवेंद्र फडणवीस ने सतारा के SP को आरोपी सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। महिला डॉक्टर बीड जिले की रहने वाली थी और फलटण तहसील के सरकारी अस्पताल में काम करती थी।
पुलिस को 4 पेज का एक और सुसाइड नोट मिला है। जिसमें एक सांसद और उसके दो PA का नाम है। आरोप है कि ये लोग डॉक्टर पर आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर सांसद ने महिला डॉक्टर को फोन किया था।
डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि सांसद के दो पर्सनल असिस्टेंट अस्पताल आए थे। दोनों ने उस पर अन्य केस से जुड़े आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाया। जो आरोपी अस्पताल नहीं आए उनके भी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का बोलते थे। मैंने ऐसा करने से मना किया तो मेरी सांसद से फोन पर बात कराई थी।
रिश्तेदारों का दावा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने का प्रेशर था
डॉक्टर के रिश्तेदार ने कहा- उस पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने और गिरफ्तार आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर का दबाव डाला जा रहा था।
डॉक्टर के चचेरे भाई ने कहा कि वह इस मामले में सतारा एसपी और डीएसपी से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने लेटर में लिखा था- अगर उसके साथ कुछ हुआ तो जिम्मेदारी कौन लेगा।
एक और रिलेटिव ने कहा-
काम के तनाव में थी और सीनियर उसे परेशान करते थे। उसने इस मामले और पुलिस से हो रही दिक्कत के बारे में पहले भी अपने सीनियर डॉक्टरों से शिकायत की थी। उससे हो रहे गलत व्यवहार की शिकायत की थी। उसने कहा भी था कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह आत्महत्या कर लेगी।
होटल स्टाफ ने दूसरा चाबी से दरवाजा खोला
SP दोशी ने बताया कि डॉक्टर ने फलटण के एक होटल में कमरा लिया था। जब स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर दूसरी चाबी से दरवाजा खोला गया तो वह फांसी से लटकी मिली। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

