दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी उमर का नया वीडियो-फोटो सामने आया
फरीदाबाद में दुकान पर फोन चार्ज करता दिखा
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ 2 FIR
इस फुटेज में उमर फरीदाबाद की एक दुकान पर बड़ी सहजता से अपना मोबाइल फोन चार्ज करता दिखाई दे रहा है।
उसके हाव-भाव से ऐसा प्रतीत होता है कि धमाके के बाद वह लगातार NCR में घूम रहा था और आम लोगों के बीच घुलमिलकर खुद को छिपाने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उमर लोकेशन बदल-बदलकर नेटवर्क को भ्रमित कर रहा था और यही कारण है कि शुरुआती दिनों में उसके मूवमेंट का पता लगाना मुश्किल हो गया था। दुकान पर वह इतने सामान्य तरीके से बैठा दिखा कि किसी को भी उसके आतंकी कनेक्शन का संदेह नहीं हुआ। वीडियो सामने आने के बाद अब जांच टीमें उन सभी इलाकों को खंगाल रही हैं जहां वह धमाके के बाद गया हो सकता है।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो FIR दर्ज की गईं। जांच में पता चला कि उमर इसी यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था और उसने पढ़ाई के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों से संपर्क बनाया था। पुलिस को संदेह है कि यूनिवर्सिटी परिसर में ही उमर को कुछ कट्टरपंथी विचारधाराओं का प्रभाव मिला और वहीं से वह आतंकी नेटवर्क के करीब पहुंचा। FIR दर्ज होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या संस्थान के किसी व्यक्ति ने परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से उसकी गतिविधियों में मदद की या फिर परिसर का गलत इस्तेमाल किसी बड़े नेटवर्क के लिए किया गया। यूनिवर्सिटी के कई दस्तावेज़, छात्रों की एंट्री-एग्ज़िट रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि उमर के पिछले महीनों की गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार की जा सके।
उधर, दिल्ली ब्लास्ट के बाद से पूरे NCR में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाली मार्केट्स में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। धमाका जिस जगह हुआ था, वहां से मिले अवशेषों की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साफ किया है कि ब्लास्ट में हाई-इंटेंसिटी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था, जिसे अक्सर प्रशिक्षित आतंकी ही हैंडल कर सकते हैं। इससे संदेह और गहरा हो गया है कि इस घटना के पीछे संगठित आतंकी मॉड्यूल काम कर रहा था। NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और IB की टीमें संयुक्त रूप से इस मॉड्यूल की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। अब तक करीब 40 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है और कई संदिग्ध तकनीकी एविडेंस एजेंसियों के हाथ लगे हैं।
उमर की नई तस्वीर और वीडियो ने जांच को नई दिशा दे दी है। एजेंसियों के अनुसार, जिस दुकान पर उमर फोन चार्ज करता दिखा, वहां वह कुछ मिनट रुका था और इस दौरान किसी से बातचीत भी नहीं की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उसकी सोची-समझी रणनीति थी ताकि वह ध्यान आकर्षित न करे और भीड़ में आसानी से घुल जाए। सोशल मीडिया पर यह फुटेज वायरल होते ही आम लोगों में भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वह बिल्कुल साधारण युवक की तरह दिखाई देता है। यह बात भी सामने आई है कि उसने धमाके के बाद अपनी शक्ल-सूरत में मामूली बदलाव किए, जैसे हल्की दाढ़ी रखना और अलग तरह के कपड़े पहनना, ताकि उसे पहचानना मुश्किल हो जाए।
जांच एजेंसियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती उमर के बाकी नेटवर्क को ट्रैक करना है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह का आतंकी घटना होना साफ संकेत है कि नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और उनके पास जरूरी संसाधन मौजूद हैं। सरकार ने भी साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई होगी। वीडियो के सामने आने के बाद अब यह मामला और तेज हो गया है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

