मुरैना में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई उस वक्त जानलेवा साबित हुई
जब रेत माफिया ने वन विभाग की टीम पर ही हमला कर दिया।
गश्त पर निकले वन रक्षकों की टीम जैसे ही संदिग्ध गतिविधि के करीब पहुंची,
आरोपी ने बचने के बजाय ट्रैक्टर से ही हमला कर दिया और एक वन रक्षक को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि अवैध रेत खनन के बढ़ते दुस्साहस को भी उजागर करती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि टीम को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि उसने भागने से पहले कथित तौर पर रेत को बेचने की कोशिश भी की, जिससे साफ है कि उसे कानून का कोई डर नहीं था।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जबकि मृतक वन रक्षक के परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अवैध खनन का नेटवर्क कितना मजबूत और खतरनाक हो चुका है, जहां सरकारी कर्मचारियों की जान भी सुरक्षित नहीं रह गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करता है और क्या दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सकेगा।

