रक्तदान की छोटी सी पहल जो आन्दोलन बन गई

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श्याेपुर 24.02.2024
रक्तदान की छोटी सी पहल जो आन्दोलन बन गई
– 20 साल में 250 से अधिक शिविर, 135 संस्थाओं की भागीदारी
– 25 फरवरी को विशाल रक्तदान शिविर के अवसर पर विशेष आलेख
ब्यूरोचीफ, नबी अहमद कुरैशी, श्योपुर मध्यप्रदेश
20 साल पहले रक्तदान के लिए की गई पहल अब एक आन्दोलन बन गई है, पहले कभी लोग रक्तदान के लिए विभिन्न शंकाओ के चलते आगे नही आते थे, लेकिन इस पहल ने लोगों की भ्रांतियों को न केवल दूर किया बल्कि समय पर रक्त की उपलब्धता ने हजारो जिंदगियों को बचाया। अपने छोटे भाई स्व. मुकेश गुप्ता को रक्त समय पर नही मिलने के चलते खोने वाले महावीर गुप्ता ने इस पहल को शुरू करने का बीडा उठाया और आज रक्तदान क्षेत्र के आईकॉन बन चुके है। वे स्वयं भी 48 बार अपना रक्त दान कर चुके है।
19 फरवरी 2005 को श्योपुर के युवा समाजसेवी स्वर्गीय मुकेश गुप्ता की प्रथम पुण्यतिथि पर,भारत विकास परिषद कोटा के विशेषज्ञ चिकित्सकों के निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर के साथ स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह आज 250 शिविरो से अधिक आयोजन तक पहुंच चुका है। उस समय प्रथम रक्तदान शिविर में एकत्रित 63 यूनिट रक्त को कोटा के प्रतिष्ठित ब्लड बैंक में श्योपुर के लोगों के लिए सुरक्षित रखे जाने की व्यवस्था की गई थी, ताकि श्योपुर के किसी भी मरीज को आवश्यकता पड़ने पर उसे तत्काल कोटा में रक्त उपलब्ध कराया जा सकें, यह वह समय था, जब श्योपुर में ब्लड बैंक नही था और चिकित्सा के बेहतर साधन भी नही थे, लिहाजा लोगों को कोटा में अपना उपचार कराने के लिए जाना पडता था।
रक्तदान जागरूकता अभियान में स्व. मुकेश गुप्ता स्मृति सेवा न्यास के साथ लाइफ केअर सोसयटी के अध्यक्ष डॉ खेमचंद जैन,पुष्पा फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण ओसवाल ने कदम से कदम मिलाते हुए इस अभियान को जिले में गति प्रदान की। सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के लगभग 135 स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी समय-समय पर इनके साथ जुडकर रक्तदान में अपना महायोगदान दिया है। वर्तमान में युवाओं सहित अन्य नागरिको में रक्तदान के प्रति इतना जज्बा है कि एक कॉल पर दूर-दूर से रक्त देने के लिए अस्पताल पहुंच जाते है। एक व्हाटसएप ग्रुप भी बनाया हुआ है, जिस पर ब्लड बैंक में रक्त नही होने की स्थिति में ब्लड गु्रप लिखकर डालने पर उस ब्लड ग्रुप का रक्तदाता तत्काल अस्पताल में मानव सेवा के लिए उपस्थित हो जाता है। रक्तदान जागरूकता एवं शिविरो के आयोजन के चलते ही 26 जनवरी 2009 को श्योपुर अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना भी हुई है। विश्व रक्तदान दिवस एवं अन्य अवसरो पर आयोजित रक्तदान शिविर के रक्तदाताओं एवं सहयोगी संस्थाओं को प्रत्येक वर्ष सम्मानित किये जाने का अनवरत कार्यक्रम भी जारी है, जिससे रक्तदाताओं के अमूल्य सहयोग के लिए कृतघ्नता ज्ञापित की जा सकें। स्वर्गीय मुकेश गुप्ता की 20 वी पुण्यतिथि पर एक बार फिर से 25 फरवरी को महा रक्तदान शिविर का आयोजन सभी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।

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