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हॉस्पिटल में मनमानी नही मिलता इलाज

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श्याेपुर 29.02.2024
अस्पताल में नहीं आते डॉक्टर, कंपाउंडर के भरोसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगरगवां का।
ब्यूरोचीफ, नबी अहमद कुरैशी, श्योपुर मध्यप्रदेश
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगवां का भवन लाखों रुपए की लागत बनाया गया है, लेकिन मरीजों को दवा लिखने वाले चिकित्सक नहीं हैं। मजबूरी को कम्पाउंडर दवाइयां दे रहे हैं। ऐसे में छोटी-मोटी बीमारियां होने पर रोगियों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय या फिर निजी अस्पताल पहुंचकर इलाज करवाना पड़ रहा है।
चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को न तो परामर्श मिल रहा है, न ही उपचार। बता दें कि यहां चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इस पर डाक्टर भी पदस्थ है लेकिन डाक्टर अस्पताल में नही आते हैं, ऐसे में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर उठानी पड़ रही है भारी परेशानी। बरगवां स्वास्थ्य केंद्र की अंतर्गत आते हैं 50 गांव 50 गांव के ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया इकलौता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर ना होने से कंपाउंडर के भरोसे हैं। ग्रामीणों को इलाज के लिए कराहल, शिवपुरी जाना पड़ता है। क्योंकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ना डॉक्टर है ना फार्मासिस्ट और नहीं अन्य स्टाफ जिससे गरीब वर्ग के व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करना पड़ रहा है जिससे हजारों रुपए का खर्चा गरीब लोगों को उठाना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगवां में डाक्टर नहीं होने की वजह से बरगवां सहित 50 गांवो के 10 करीब लोग इलाज के अभाव में परेशान हो रहे हैं।डॉक्टर नहीं आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने के लिए अस्पताल में आते है। डॉक्टर नहीं आने के कारण परेशान होकर प्राइवेट क्लीनिक पर इलाज करा रहे है।

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