हिमाचल के चंबा में लैंडस्लाइड 11 लोगों की मौत

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हिमाचल के चंबा में लैंडस्लाइड 11 लोगों की मौत

मणिमहेश यात्रा पर निकले थे

उत्तराखंड के 3 जिलों में बादल फटा

चंबा जिले के भरमौर में भारी बारिश के बीच मणिमहेश यात्रा पर निकले 11 श्रद्धालुओं की लैंडस्लाइड में मौत हो गई है। मृतकों में 3 पंजाब, 1 उत्तर प्रदेश और 5 चंबा के रहने वाले है

दो लोगों की अभी पहचान नहीं हुई है।

अधिकारियों के अनुसार, लोगों की मौतें पहाड़ से पत्थर गिरने और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। भरमौर में करीब 3 हजार मणिमहेश श्रद्धालु फंसे हैं, जिनका रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पिछले सप्ताह लैंडस्लाइड में 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। 9 लापता हो गए थे।

दूसरी तरफ, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार रात बादल फटने से कई लोग लापता हैं। चमोली में कई परिवार मलबे के कारण अपने घरों में फंस गए हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है।

नदी किनारों घरों को खाली कराया जा रहा है। रिहायशी इलाकों में भी पानी घुस गया है। बद्रीनाथ हाईवे अलकनंदा नदी में डूब गया है, इससे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच आवाजाही रुक गई है। केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर मार्ग पर बना एक पुल भी तेज बहाव में बह गया। दिल्ली-NCR में बारिश से 170 से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित
दिल्ली-NCR में शुक्रवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। दिल्ली एयरपोर्ट ने भारी बारिश के बीच यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है और यात्रा से पहले लोगों को एयरलाइन कंपनियों से अपनी फ्लाइट से जुड़ी जानकारी लेने को कहा है।

फिलहाल, दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन जारी है। हालांकि, लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट पर आज सुबह 11:30 बजे तक कम से कम 146 फ्लाइट्स के टेकऑफ और 30 फ्लाइट्स की लैंडिंग में देरी हुई। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार में भारी बारिश के बाद बादल फटने से कई लोग मलबे में फंस गए हैं। लोगों के रेस्क्यू के लिए SDRF की टीमों को बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल पर भेजा गया है। हालांकि, जगह-जगह मलबा होने के कारण बचाव टीमों को प्रभावित गांव तक पहुंचने में मुश्किलें भी आ रही हैं। हरियाणा के पंचकूला में गुरुवार रात को भारी बारिश से टांगरी नदी पर बने पुल के बीच का बड़ा हिस्सा पानी के साथ बह गया है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर वहां बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों के वहां से आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। ओडिशा में 100 गांव लगातार 5वें दिन भी बाढ़ के पानी में डूबे
ओडिशा में बारिश रुकने से प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। इसके बावजूद, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के लगभग 100 गांव शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी बाढ़ के पानी में डूबे हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि गांवों में करीब 30,000 लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। बालासोर के बलियापाल और भोगराई ब्लॉक के 80 गांव करीब 4 फीट ऊंचे बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, जबकि जाजपुर जिले के दशरथपुर ब्लॉक के 14 अन्य गांवों में भी ऐसी ही स्थिति है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के काफी ऊपर बढ़ गया है। रुद्रप्रयाग पुलिस नदी के किनारों बसे लोगों को घर खाली करने और सुरक्षित इलाकों में जाने की सलाह दे रही हैं। वैष्णो देवी यात्रा लगातार चौथे दिन स्थगित, लैंडस्लाइड में 35 की मौत हुई थी
भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण कटरा में वैष्णो देवी यात्रा शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी स्थगित रही। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मौसम की स्थिति को देखते हुए, अगले दो से तीन दिनों में फिर से यात्रा शुरू होने का संकेत दिया है।

बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को अगली सूचना तक यात्रा नहीं करने और श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की तरफ से जारी आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करने की सलाह दी है। कटरा में वैष्णो देवी मार्ग पर 26 अगस्त को बादल फटने से लैंडस्लाइड हुई थी। इसमें 35 लोग मारे गए थे।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश के बाद, शुक्रवार को बारिश कुछ कम हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी है। अब तक 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए हैं। 200 से ज्यादा मकान ढह गए। पांच लोगों की मौत हो चुकी है। दंतेवाड़ा नगर समेत आस-पास के गांवों में कुल करीब 50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है।हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर भागों में शुक्रवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 6 दिन तक बारिश से राहत के आसार नहीं है। ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में आज बारिश का यलो अलर्ट है। चंबा जिला के भरमौर में मणिमहेश यात्रा के लिए आए 3 हजार श्रद्धालु फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए आज रेस्क्यू ऑपरेशन चलेगा।पंजाब में बाढ़ के बीच सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन तीन दिन से जारी है। 28 अगस्त को सेना ने पंजाब के गुरदासपुर से रेस्क्यू का एक वीडियो X पर शेयर किया और बताया कि जवानों ने चीता हेलिकॉप्टर से एक टापू पर फंसे 27 लोगों को बचाया।

घटना 27 अगस्त को शाम लगभग 4 बजे की है। गुरदासपुर के लस्सियां ​​क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई। इससे एक टापू पर 27 लोग फंस गए। चारों तरफ पानी था। सूचना मिलने पर, तीन चीता हेलिकॉप्टरों से सेना की टीम पहुंची और मुश्किल परिस्थितियों में सभी का रेस्क्यू किया।पंजाब में शुक्रवार से अगले तीन दिन खतरे के हैं। पंजाब के तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश का यलो अलर्ट जारी है। कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने मोहाली, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर में बारिश काे लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।हरियाणा में मौसम विभाग ने 5 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र और करनाल में हवाओं के साथ गरज-चमक और कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। बीती रात फरीदाबाद में गौछी ड्रेन में एक कार गिर गई, जिससे दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।झारखंड में एक बार फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने तीन सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बिजली का अलर्ट जारी किया है। साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे (3-4) डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।बिहार के 32 जिलों में मौसम विभाग ने शुक्रवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पटना, नालंदा समेत 32 जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। पटना में सुबह बारिश हुई। पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह घाट में गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी है। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इससे पहले गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन की सड़कें तालाब बन गईं। भोपाल में सड़कों पर दो फीट तक पानी भर गया। राजस्थान में अगले दो सप्ताह मानसून एक्टिव रहने का अनुमान है। शुक्रवार को 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 10 सितंबर तक औसत से ज्यादा बरसात होने का अनुमान है। गुरुवार को सलूंबर के झल्लारा थाना क्षेत्र में स्कूल जा रहे टीचर बाइक समेत नदी में बह गए। भीलवाड़ा के बड़लियास में नदी में नहाने गई 2 सहेलियां अचानक पानी का स्तर बढ़ने से डूब गईं।

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