...

अरब सागर में अगस्त में 48 साल बाद तूफान की आशंका

0
अरब सागर में अगस्त में 48 साल बाद तूफान की आशंका

अरब सागर में अगस्त में 48 साल बाद तूफान की आशंका

अरब सागर में अगस्त में 48 साल बाद तूफान की आशंका

 

अरब सागर में 48 साल बाद अगस्त में चक्रवाती तूफान की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह कहा- गुजरात के करीब अरब सागर में यह तूफान 12 घंटे में देखने को मिल सकता है।

तूफान का सबसे ज्यादा असर गुजरात के कच्छ में दिखेगा। यहां 65 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। तूफान के चलते राजकोट, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़, द्वारका में भी भारी बारिश का अलर्ट है।

कच्छ और राजकोट में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। कच्छ में कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया है। कलेक्टर ने कहा है कि जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले।

गुजरात में 1 हफ्ते से जारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। यहां 4 दिन 32 लोगों की जान गई है। NDRF-SDRF के बाद सेना को भी तैनात किया गया है।

अरब सागर में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन।

अगस्त में तूफान की वजह, 5 पॉइंट्स…

  1. मौसम विभाग ने बताया कि सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) अरब सागर की ओर शिफ्ट होते हुए चक्रवाती तूफान में बदलता दिख रहा है।
  2. मौसम विभाग ने आशंका जताई थी कि यह डीप डिप्रेशन कमजोर हो जाएगा, लेकिन शुक्रवार सुबह तक यह और स्ट्रॉन्ग होकर तूफान में बदलता दिख रहा है।
  3. इस तूफान का गुजरात में लैंडफॉल नहीं होगा। दरअसल, आमतौर पर तूफान समुद्र से जमीन की ओर आता है, लेकिन इस बार तूफान जमीन से समुद्र की ओर जाते दिख रहा है।
  4. अगले 12 घंटे में यह डीप डिप्रेशन पूरी तरह से तूफान में तब्दील हो सकता है। अगर डीप डिप्रेशन तूफान में तब्दील होता है, तो इसका नाम असना रखा जाएगा। यह नाम पाकिस्तान ने सुझाया है।
  5. मौसम विभाग ने कहा है कि अरब सागर के बाद यह तूफान पाकिस्तान की ओर मुड़कर कमजोर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल तूफान के रूट को ट्रेस करना मुश्किल है।

80 साल में अगस्त में सिर्फ 3 बार तूफान
मौसम विभाग ने कहा है कि बहुत ही रेयर केस में अरब सागर में अगस्त में चक्रवाती तूफान देखने को मिलते हैं। अब तक सिर्फ तीन तूफान अगस्त में अरब सागर से उठे हैं। पहली बार अगस्त 1944 में तूफान आया था। इसके बाद 1964 में गुजरात के तट पर साइक्लोन आया था। अगस्त में आखिरी तूफान 1976 में आया था। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में 132 सालों में अगस्त में 28 तूफान आ चुके हैं।

गुजरात में पांच दिन से बारिश का दौर जारी है। सेना, NDRF पानी में फंसे लोगों को निकाल रही है।

दिल्ली में 12 साल का रिकॉर्ड टूटा, आज 14 राज्यों में अलर्ट
दिल्ली में अगस्त में 378.5 मिमी बारिश हुई। यह शहर में पिछले 12 साल में बारिश का हाईएस्ट है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश समेत देश के 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

जालंधर में तेज बारिश के चलते एक अंडरपास में पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

31 अगस्त को 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

  • मौसम विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र के विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक में बहुत भारी बारिश (12 सेमी से ज्यादा) का अलर्ट है।
  • पूजा खेडकर को 5 सितंबर तक गिरफ्तारी से राहत
  • उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 सेमी बारिश हो सकती है।
    धार जिले में गुरुवार को माही डैम के दो गेट खोले गए। भोपाल में रात में हल्की बारिश हुई।
  • पाकिस्तान में आतंकियों ने आर्मी ऑफिसर को किडनैप किया

  • मध्यप्रदेश में 31 अगस्त से मौसम का नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। यह 2 दिन राज्य के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तेज बारिश कराएगा। मालवा-निमाड़ यानी इंदौर-उज्जैन संभाग में धूप रहेगी। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर संभाग में हल्की बारिश होगी।

  • असम में मुस्लिम शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी
  • बिहार में मानसून के कमजोर पड़ने के कारण बारिश का दौर थम गया है।

    बिहार में एक बार फिर मानसून कमजोर पड़ गया है। इससे पिछले कई दिनों से प्रदेश में झमाझम बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सीतामढ़ी का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है

  • DELHI-आज दिन भर की फटाफट प्रमुख खबरें
  • शिमला के रिज पर हल्की बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
  • आज सुबह की प्रमुख खबरें
  • हिमाचल प्रदेश के 5 जिलों में आज सुबह 11.30 बजे बारिश बाढ़ का अलर्ट दिया गया है। यह चेतावनी चंबा, कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में दी गई है। इससे पहाड़ों पर लैंडस्लाइड और निचले इलाकों में जल भराव की समस्या हो सकती है। आज से 2 दिन तक मानसून कमजोर रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.