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मोदी राज्यसभा नहीं पहुंचे खड़गे बोले- ये सदन का अपमान

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मोदी राज्यसभा नहीं पहुंचे मोदी राज्यसभा नहीं पहुंचे खड़गे बोले- ये सदन का अपमान

खड़गे बोले- ये सदन का अपमान मोदी राज्यसभा नहीं पहुंचे खड़गे बोले- ये सदन का अपमान

शाह ने कहा- मैं जवाब दे रहा हूं मोदी राज्यसभा नहीं पहुंचे खड़गे बोले- ये सदन का अपमान

उन्हें क्यों बुलाना; विपक्ष ने वॉकआउट किया मोदी राज्यसभा नहीं पहुंचे खड़गे बोले- ये सदन का अपमान

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में करीब डेढ़ घंटे भाषण दिया। उन्होंने शाम 7 बजे सदन में बोलना शुरू किया। विपक्ष ने हंगामा करते हुए PM मोदी को बुलाने की मांग की।

इस पर शाह ने कहा- विपक्ष पूछ रहा है कि PM कहा हैं? PM इस वक्त ऑफिस में हैं, उन्हें ज्यादा सुनने का शौक नहीं है। मेरे से निपट रहा है, उन्हें क्यों बुला रहे हो।

इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री के दिल्ली में रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे, ये तो सदन का अपमान है। सदन-सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है। इसके बाद विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।

शाह ने रात 8:25 बजे तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा- पाकिस्तानी आतंकियों ने जो नुकसान किया, उसके जवाब में भारत सरकार और सेना ने जो मजबूत जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया। ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकी मारे गए।

शाह के भाषण के बाद राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसी के साथ राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिन की बहस भी खत्म हो गई।

विपक्ष के 4 मुद्दों पर अमित शाह का जवाब

पीएम मोदी की बिहार सभा पर

  • विपक्ष ने 24 अप्रैल की बिहार में पीएम मोदी की जनसभा पर सवाल किए। मैं बताना चाहता हूं कि पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की जनसभा में जो कहा था, वो चुनावी सभा नहीं थी। PM ने कहा था भारत एक-एक आतंकियों की पहचान करेगा, उन्हें सजा देगा, न्याय मिलेगा। उनका बोला हुआ एक-एक शब्द सच हो गया। पीएम ने कहा था आतंकियों के आकाओं को नहीं छाड़ेंगे। सेना ने उन्हें भी नहीं छोड़ा।

आतंकी घटनाओं पर

  • शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 2014 तक एक भी साल ऐसा नहीं था जब आतंकी हमले, बम धमाके न हुए हों। 609 से ज्यादा लोगों की जानें गई। कांग्रेस ने POTA कानून का विरोध किया। ये टेररिस्ट की मदद करने वाली पार्टी है। मोदी सरकार में जम्मू-कश्मीर छोड़कर पूरे देश में कहीं भी बम धमाके नहीं हुए। घर में घुसकर परखच्चे उड़ाने का काम हमारी सरकार कर रही है।

ऑपरेशन सिंदूर पर

  • चिदंबरम ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर निर्णायक नहीं था। वे अभी यहां (सदन) मौजूद नहीं हैं, लेकिन मैं उन्हें जवाब देना चाहूंगा। क्या 1965 और 1971 के युद्ध निर्णायक थे? अगर हां, तो आतंकवाद क्यों फैलता रहा? जब तक दुश्मन डरेगा या सुधरेगा नहीं, तब तक उसका निर्णायक अंत नहीं होगा। इतने सालों में उन्हें डराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे क्यों डरेंगे? मैं गर्व से कह सकता हूं कि कोई भी हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।

सीजफायर पर

  • विपक्ष पूछ रहा है कि सीजफायर किसके कहने पर हुआ। यह किसी के कहने पर नहीं हुआ। पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और हमारे DGMO से संघर्ष रोकने की गुहार लगाई। शुरू से ही हमारा इरादा युद्ध का नहीं था, न ही हम पाकिस्तान के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। पीएम मोदी ने तुरंत कहा- अगर पाकिस्तान रुकना चाहता है, तो रुक जाए, लेकिन राहुल गांधी अब भी मामले को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं।शाह ने पूछा- राहुल बताएं कि चीन के साथ उनका क्या रिश्ता है

    शाह ने आतंकी संगठनों पर बैन लगाने के फैसले, जांच एजेंसियों की ताकत और बढ़ाने लेने जैसे फैसलों सदन में बताए। उन्होंने कहा- राहुल गांधी ने 2011 के हमले पर कहा था कि सभी आतंकी हमले नहीं रोके जा सकते, नेहरू ने कहा था आतंकी घुसपैठ नहीं रोकी जा सकती।

    शाह ने कहा- मैं जिम्मेदारी से कहता हूं कि घुसपैठ और आतंकवादी घटनाओं को मोदी सरकार रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। कल कहा गया कि चीन के लिए पीएम मोदी ने कुछ नहीं कहा। मैं कहता हूं कि जब चीन की लड़ाई समाप्त हुई, तब 30 हजार वर्ग किमी हिस्सा अक्साई चीन को दिया।

    गृह मंत्री ने पूछा- क्या राहुल बता सकते हैं कि चीन के साथ उनका रिश्ता क्या है। हमारी सेना चीनी सेना की आंख में आंख डालकर खड़े थे। तब राहुल चीन के साथ बैठक कर रहे थे। हिंदी-चीनी भाई-भाई ये इनका दिया हुआ नारा है। युद्ध की स्थिति में राहुल गांधी चीन के राजदूत के साथ कैसे बात कर सकते हैं।

    शाह ने कहा- शिमला समझौते में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को लौटाया गया। हमारे पकड़े 54 सैनिक आजतक नहीं लौटे। उनके परिवार आज भी उनकी राह देख रहे हैं। जनरल मानेकशॉ ने इंदिरा गांधी को कहा था कि भुट्टो ने हमें मूर्ख बनाया।शाह ने कहा- मोदी के शासन में जम्मू-कश्मीर छोड़कर कहीं भी धमाके नहीं हुए

    शाह ने कहा- कांग्रेस ने POTA का विरोध किया। कांग्रेस ने किसे बचाने के लिए इसका विरोध किया। भाजपा-अटल जी का संकल्प था। संयुक्त सेशन में इसे पारित किया गया। आज कानून बना है। पहली कैबिनेट में भी कांग्रेस ने POTA रद्द किया। और ये आतंकवाद की बात करते हैं। ये टेररिस्ट की मदद करने वाली पार्टी है।

    शाह ने देश के कई शहरों में हुए बम धमाकों की लिस्ट गिनाते हुए कहा- कांग्रेस की सरकार में जयपुर, हैदराबाद, दिल्ली में हुए बम धमाकों में सैकड़ों लोग मारे गए। एक भी साल ऐसा नहीं रहा जब आतंकियों ने बम धमाके नहीं किए हों। 2014 तक कांग्रेस ने क्या किया। अब क्यों सवाल खड़े कर रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में 609 लोग बम धमाकों में मारे गए। मोदी के राज में जम्मू-कश्मीर छोड़कर पूरे देश में कहीं भी बम धमाके नहीं हुए। घर में घुसकर परखच्चे उड़ाने का काम हमारी सरकार कर रही है।गृह मंत्री ने कहा- घाटी से आतंकवाद खत्म होने की कगार पर

    शाह ने कहा- हमने जम्मू-कश्मीर में 40 हजार नौकरियां दीं। मोदी सरकार में वहां नगर पंचायत के चुनाव में 98 फीसदी वोटिंग हुई। विधानसभा चुनाव में 58 फीसदी वोटिंग हुई। एक हजार करोड़ से ज्यादा रुपए नगर पंचायत को दिया गया। 2014 से शुरू हुआ मंथन का असर है कि आज घाटी से आतंकवाद खत्म होने की कगार पर है।

    गृह मंत्री ने कहा- 6 महीने में आतंकवादी संगठनों में एक भी कश्मीरी युवा की भर्ती नहीं हुई। जो मारे जा रहे हैं, सभी विदेशी हैं। घाटी की जनता को बहुत शुभकामनाएं देता हूं। हर गांव में पहलगाम हमले का विरोध हुआ। आज जब घर में तिरंगा फहराशाह बोले- जब तक दुश्मन डरेगा या सुधरेगा नहीं, तब तक निर्णायक अंत नहीं होगा

    अमित शाह ने कहा- चिदंबरम ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि ऑपरेशन सिंदूर निर्णायक था। वे अभी यहां मौजूद नहीं हैं, लेकिन मैं उन्हें जवाब देना चाहूंगा। क्या 1965 और 1971 के युद्ध निर्णायक थे? अगर हां, तो आतंकवाद क्यों फैलता रहा? जब तक दुश्मन डरेगा या सुधरेगा नहीं, तब तक उसका निर्णायक अंत नहीं होगा। इतने सालों में उन्हें डराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे क्यों डरेंगे? मैं गर्व से कह सकता हूं कि कोई भी हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।शाह बोले- अब आतंकियों के जनाजे नहीं निकाले जाते

    अमित शाह ने कहा कि PM मोदी ने 5 अगस्त, 2021 को जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म किया। उसके बाद आतंक फैलाने वाले को खत्म करने का प्लान शुरू हुआ। हम सबने देखा कि कई आतंकी मारे गए। उनके जनाजे में 10-10 हजार लोग जाते थे। हमने इसके रुकवाया और तय किया जो आतंकी जहां मरेंगे, उन्हें वहीं दफना दिया जाएगा। एक ओर जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों को हमने बंद करने का काम किया, उनके इकोसिस्टम को भी खत्म किया। कांग्रेस ने इतनी गहरी जड़ें डाली हैं कि कश्मीर से आतंक खत्म होने में समय लगेगा, लेकिन खत्म होगा। आतंकवादी घटनाओं में 70 फीसदी कमी आई है। नागरिकों की मौत में 80 फीसदी की कमी आई है। सुरक्षाबलों की शहादत में 49 फीसदी की कमी आई है।पाकिस्तान को एयरस्ट्राइक-सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया

    विपक्ष हम पर संघर्ष विराम के लिए कई आरोप लगा रहा है। कह रहा है कि PoK क्यों नहीं लिया। उछल-उछल कर कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर युद्ध नहीं था। हमने आत्मरक्षा के लिए बलप्रयोग के अधिकार का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान ने ही कहा था कि हमें संघर्ष नहीं करना है, तब हमने इसे स्वीकारा। पहले हम सिर्फ डोजियर भेजते रहे, लेकिन नरेंद्र मोदी ने उन्हें (पाकिस्तान) एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया।…अगले 30 साल केंद्र में भाजपा सरकार रहेगी

    शाह ने कहा कि कांग्रेस कहती है हम (भाजपा) हमेशा केंद्र में नहीं रहेंगे। मैं 61 साल का हूं, लेकिन कहना चाहूंगा कि 30 साल तक भाजपा की सरकार रहेगी।

    भारतीय सेना के लिए कभी भी कांग्रेस ने तैयारियां नहीं की। हमारे पास बंदूक छोड़िए, चीनी और माचिस भी नहीं होती थी। घनघोर ठंड में पहनने के लिए कपड़े नहीं होते थे।

    हमने 11 साल में तकनीक से भरपूर सेना को तैयार किया है, जो 22 मिनट में दुश्मन पर सटीक हमला करती है। इन्हें कोई हक नहीं कि ये भाजपा से आतंक पर सवाल करें। आतंक पनपा क्योंकि आपने (कांग्रेस) वोट बैंक की राजनीति की है।शाह ने कहा- पाकिस्तान लड़ने की स्थिति में नहीं था

    सदन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- पाकिस्तान लड़ने की स्थिति में ही नहीं था। किसी के समाधान नहीं हुआ। पाकिस्तान घुटनों के बल पर आया था। उनके DGMO ने हमारे DGMO को फोन किया था। युद्ध रोकने का कहा था।

    शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय में जो आतंकी घटनाएं होती थीं, तब हमें फोन आते थे कि क्या कार्रवाई हुई। उनके समय में जिन आतंकियों ने हमले किए, उन्हें हमारे कार्यकाल के दौरान सैन्य ऑपरेशन में मारा गया।ऑपरेशन सिंदूर आतंकी के दिल पर हमला था।

    पहली बार उनके सरहद में जाकर हमारी सेना ने पराक्रम दिखाया है। उनके लॉन्चिंग पैड खत्म किए। जब तक, दुश्मन जब तक डर नहीं जाता, या सुधर नहीं जाता, कभी निर्णायक नतीजा नहीं आता।

    कांग्रेस ने कभी जवाब नहीं दिया। हमने जवाब दिया। खौफ पैदा हो गया है। उन्हें सपने में भी हमारी मिसाइलें दिखती होंगी। मैं देश ही जनता के सामने गर्व से कहता हूं कि हिंदू कभी टेररिस्ट नहीं हो सकता।शाह ने कहा- पाकिस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया को संदेश गया

    शाह ने कहा कि- 22 अप्रैल के हमले के अगले दिन 23 तारीख को CCS की मीटिंग हुई। इसमें पाकिस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया को संदेश दिया गया। CCS ने संकल्प लिया कि आतंकियों को भेजने वाले और कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    30 अप्रैल को पीएम ने सशस्त्र बलों को फ्रीडम दे दी थी। मैं तीनों सेनाओं को इस सदन से धन्यवाद देता हूं। 7 मई की रात को पाकिस्तान के 9 आतंकी अड्डों को सेना ने ध्वस्त किया। लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल के हेडक्वार्टर को तबाह किया।

    शाह ने कहा- हमने तो हमला किया था आतंकी ठिकानों पर और हमारे आतंक पर हमले को पाकिस्तान ने अपने ऊपर लिया।

    उन्होंने 8 मई को हमारे रिहायशी इलाकों में गोलीबारी की। सैन्य इलाकों में मिसाइलें गिराईं। फिर भी भारत ने संयम रखा। उन्होंने गुरुद्वारा तोड़ा, मंदिर पर हमला किया, हमने कुछ नहीं किया। 9 मई को हमने पाकिस्तान के 8 एयरबेस पर हमला किया।बिहार में PM की जनसभा पर विपक्ष के सवाल का शाह जवाब दिया

    शाह ने कहा कि विपक्ष ने 24 अप्रैल की बिहार में पीएम मोदी की जनसभा पर सवाल किए। मैं बताना चाहता हूं कि पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की जनसभा में जो कहा था, वो चुनावी सभा नहीं थी। PM ने कहा था भारत एक-एक आतंकियों की पहचान करेगा, उन्हें सजा देगा, न्याय मिलेगा। उनका बोला हुआ एक-एक शब्द सच हो गया। पीएम ने कहा था आतंकियों के आकाओं को नहीं छाड़ेंगे। सेना ने उन्हें भी नहीं छोड़ा।शाह ने कहा- 22 अप्रैल का दिन जीवन में नहीं भूलूंगा

    ऑपरेशन सिंदूर पर शाह- 22 अप्रैल को हमला हुआ। उसी दिन मेरी PM से बात हुई। लगभग दो-ढाई बजे मैं वहां गया। वो मेरे जीवन का ऐसा दिन है, जो मैं कभी नहीं भूलूंगा। एक बच्ची, जिसकी शादी 6 दिन पहले हुई थी, वो विधवा हो गई। मैं वो दृश्य नहीं भूल सकता।लोगों को क्यों मारा गया, क्योंकि वो संदेश देना चाहते थे कि कश्मीर आतंक से मुक्त नहीं होगा। मैं इस सदन से उन्हें संदेश देता हूं कि कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होकर रहेगा।चिदंबरम ने कांग्रेस की मानसिकता दुनिया में उजागर की

    शाह ने कहा- विपक्ष ने पूछा आतंकी पाकिस्तानी थे , इसका क्या सबूत है। मैं चिदंबरम से पूछना चाहता हूं कि आप किसको बचाना चाहते थे, आपको शर्म नहीं आती। चिदंबरम ने पूरी दुनिया के सामने कांग्रेस की मानसिकता उजागर कर दी। हम वोट बैंक के लिए आतंकियों को नहीं बचाएंगे। अभी-अभी पृथ्वीराज चव्हाण का बयान आया कि ऑपरेशन का नाम धर्म के नाम पर रखने के अलावा इनको कुछ नहीं आता। मैं यहां से चव्हाण जी से कहना चाहता हूं। आप क्या नाम रखना चाहते थे। जवाब दीजिए। ये लोग हर चीज को हिंदू-मुस्लिम एंगल से देखते हैं। हमारे सेना के युद्ध घोष को इस दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए।शाह बोले- तीनों आतंकियों के सिर में गोली लगी

    शाह ने सदन में कहा- लश्कर के आउटफिट ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसी दिन मैं वहां पहुंचा था। रिव्यू मीटिंग में तय हुआ था, उन्हें जल्द से जल्द पकड़िए। आतंकी देश छोड़ कर न जाए, ये तय करें।

    उन्होंने कहा कि ऑपरेशन महादेव में आतंकियों को मारे जाने से पहले सुरक्षाबलों का खाली कारतूस मिले थे। उनके फोरेंसिक जांच की गई। इनके पास से जो राइफल मिले, उसकी भी जांच की गई। इससे पता चला कि उन्हीं के राइफल से पहलगाम में हमला किया गया था।

    शाह ने कहा कि आतंकियों के स्केच भी बनाए गए थे, जिन्होंने उनको आसरा दिया था, उस घर के मालिक से भी पूछताछ की गई थी। उन्होंने बताया कि वे तीनों वहीं थे, जो उनके डॉक में रुके थे और उनसे खाना लेकर गए थे।

    IB ने 22 मई को बताया था कि आतंकी कहां है।आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने और जांच की। 22 जुलाई को उन्हें ट्रैक करने का काम हुआ। इसके बाद स्ट्राइक किया गया। तीनों आतंकी मारे गए। इत्तफाक देखिए कि तीनों आतंकियों के सिर में गोली लगी। देशभर से लोग मुझे कहते थे कि आतंकियों को सिर में गोली मारिएगा।शाह बोले- सुलेमान ए ग्रेड का आतंकी था

    शाह ने कहा- परसों ही तीन आतंकवादी, सुलेमान और अफगान और जिबरान को हमारे सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। सुलेमान ए ग्रेड का LeT का आतंकी था।

    पहलगाम हमले में उसके राइफल से गोलियां चली थीं।सुरक्षाबलों ने उसे कश्मीर छोड़ के भागने नहीं दिया।अफगान और जिबरान भी आला दर्जे के लश्कर आतंकी थे। इससे साफ हो गया है कि पहलगाम हमला लश्कर के इशारे पर ही हुआ। उनको भेजने वाले भी मारे गए, और जिन्होंने हमला किया वो भी मारे गए।खड़गे-शाह में जोरदार बहस

    PM मोदी के राज्यसभा में नहीं आने पर खड़गे ने कहा- सब सदन के मेंबर्स का ये पहले से डिमांड है कि 16 घंटे चर्चा होने के बाद हमको इस सदन में प्रधानमंत्री आकर, प्रकट होकर अपनी बात रखेंगे और हमने जो भी सवाल उठाए हैं, बहुत से सवाल उनसे संबंधित हैं। मैं ये नहीं कहा रहा कि आप सक्षम नहीं हैं। प्रधानमंत्री के रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे हैं, तो ये सदन का अपमान है। सदन का अपमान करना, सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है।

    शाह ने कहा- सुनिए खड़गे साहब, ज्यादातर जरूरी मुद्दों पर कांग्रेस खड़गे साहब को बोलने नहीं देती है, और वो अभी मुद्दे उठा रहे हैं।

    खड़गे बोले- हम क्या यहां खेलने आए हैं। आप PM को यहां आने के लिए मना करते हैं।

    शाह बोले- मुझे मालूम है, खड़गे क्यों जा रहे हैं। क्योंकि इतने सालों तक आतंकवाद को खत्म करने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। वे डिबेट में जवाब सुन ही नहीं सकते।शाह ने कहा- पीड़ित परिवारों को मेरी संवेदनाएं

    शाह ने कहा- पहलगाम हमले में हमारे देश के जो निर्दोष नागरिकों को धर्म पूछकर, चुन-चुनकर उनके परिवार के सामने मारा गया, उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो नागरिक हताहत हुए, उनके परिवार के प्रति भी मेरी संवेदनाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन महादेव , दोनों के लिए जिन सुरक्षाबलों ने भारत का सम्मान बढ़ाया है, मैं उनका अभिनंदन करना चाहता हूं। मैं PM का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने सटीक जवाब दिया।जयशंकर बोले- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए। खून-पानी एक साथ नहीं चलेगा।

    ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बहस मंगलवार को जबकि लोकसभा में शुरू हुई थी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, जेडीयू सांसद संजय कुमार झा सहित कई सांसदों ने भाग लिया।

    खड़गे ने कहा- लीडरशिप का मतलब है जिम्मेदारी लेना, न कि किसी को दोष देना। वे (मोदी) जवाब नहीं देंगे, वे अपने दोस्तों-मंत्रियों से कहेंगे कि जाओ जो कहना है कहो। 11 साल में कभी बहस में शामिल नहीं होते। एक व्यक्ति को इतना बढ़ावा मत दो, भगवान मत बनाओ। लोकतांत्रिक रूप से आया है, उसे इज्जत दो, पूजा मत करो।प्रियंका चतुर्वेदी ने इंडिया-पाकिस्तान मैच पर पाबंदी की मांग की

    सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के साथ हमने पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री, न्यूज चैनल और इन्फ्लुएंसर्स पर पाबंदी लगाई। अब समय आ गया है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट पर भी पाबंदी लगनी चाहिए। गृह मंत्री यदि आईसीसी चेयरमैन को बोल देंगे की इंडिया-पाकिस्तान मैच नहीं होगा तो नहीं होगा और ये ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी होगी।राउत ने पूछा- पहलगाम हमले के लिए क्या नेहरू, ट्रम्प इस्तीफा देंगे?

    शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कटाक्ष किया कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी कौन लेगा और कौन इस्तीफा देगा? क्या पंडित नेहरू, ट्रम्प या वेंस इस्तीफा देंगे? उन्होंने कहा कि गृह मंत्री शाह को इस्तीफा देना चाहिए। 24 घंटे में उप राष्ट्रपति का इस्तीफा लिया जाता लेकिन 26 लोगों की हत्या के बाद भी किसी का इस्तीफा नहीं और किसी से माफी नहीं ली जाती।

    राउत ने कहा- ‘सरदार पटेल को प्रधानमंत्री न बनाकर हमने ऐतिहासिक भूल की। पटेल ने ही पहली बार RSS पर प्रतिबंध लगाया था। अगर सरदार पटेल और 10 साल जीवित होते तो ये लोग आज दिखते नहीं। आपको आभार मानना चाहिए कि पंडित नेहरू की वजह से आज आप यहां बैठे हैं।’शाह शाम 6:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बोलेंगे

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम 6:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा परTMC सांसद ममता ठाकुर ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा- दुनिया देख सकती है कि भारत किस तरह पाकिस्तान का समर्थन करने वाले अमेरिका का गुलाम बन रहा है। युद्धविराम सफल नहीं रहा।कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में कहा- मोदी जी एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो। कल शाम टेलीविजन पर शुभम द्विवेदी की पत्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी कुछ चीजों के बारे में बोला, लेकिन मारे गए 26 लोगों के बारे में कुछ नहीं कहा। अब मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आप सिंदूर की कीमत क्या जानते हो।

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