नर्मदापुरम में बारिश से तवा डैम के गेट खोलने पड़े
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नर्मदापुरम में बारिश से तवा डैम के गेट खोलने पड़े
गुना में पक चुकी मक्का की फसल खराब
श्योपुर में खुले में रखा धान भीगा
मध्यप्रदेश में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ की एक्टिविटी होने से बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में आधे प्रदेश में पानी गिरा।
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सबसे ज्यादा श्योपुर में 2.2 इंच पानी गिर गया। पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 1.6 इंच, बैतूल में 1.5 इंच और बालाघाट के मलाजखंड में 1 इंच बारिश हुई।
भोपाल, नर्मदापुरम, नौगांव, दतिया, गुना, रायसेन, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, देवास, टीकमगढ़, इंदौर, दतिया, उमरिया, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, हरदा, पांढुर्णा, सागर, सीधी, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश हुई। आज भी ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश हो रही है।
रविवार रात को बारिश के बाद सोमवार को भी कई जगह बूंदा-बांदी हो रही है। इटारसी के तवा डैम के जलस्तर को काबू पर रखने के लिए सोमवार सुबह 3 गेट खोले गए हैं। गुना में खेतों पर सूख रही मक्का फसल बारिश के चलते खराब हो गई।
सोमवार को किसान फसल को खेतों से निकालने में लगे रहे। श्योपुर में खुले में रखी धान की फसल गीली हो गई। तिरपाल ढककर फसल को बचाने की कोशिश की जा रही है।तवा डैम के 3 गेट 3-3 फीट तक खोले गए
तवा डैम में बढ़ते जलस्तर को काबू में करने के लिए प्रशासन ने सोमवार सुबह 11 बजे से तीन गेट खोल दिए हैं। इन गेटों को 3-3 फीट की ऊंचाई तक खोला गया है, जिससे बांध से 16,070 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कार्यपालन यंत्री एन. के. सूर्यवंशी के अनुसार, डैम का वर्तमान जलस्तर 1166.30 फीट दर्ज किया गया है। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है।
सीजन में 79वीं बार खोले गए तवा डैम के गेट
मानसूनी सीजन में तवा डैम के गेट कुल 78 बार खोले गए। वहीं, अब 79वीं बार गेट खुले हैं। इससे पहले साल 2022 में तवा के गेट सर्वाधिक 136 बार खोले गए थे। 2023 में सबसे कम 39 बार गेट खोलने पड़े थे।
अफसरों ने बताया कि अक्टूबर में भी कई बार गेट खुल चुके हैं। साल 2023 में 1 अक्टूबर को और 2022 में 12 अक्टूबर को गेट खुले थे। इस साल भी 2 अक्टूबर तक गेट खुले रहे थे।
इस सीजन में तवा डैम के कुल 13 में से केवल सात गेट ही खुल पाए हैं, जबकि पिछले साल सभी 13 गेट खोले गए थे।
करैरा में बारिश के बीच खाद के लिए भीगते रहे किसान
शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में किसानों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। भारी बारिश से फसलों के नुकसान के बाद अब खाद की किल्लत ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। सोमवार को लगातार हो रही बारिश के बीच भी किसान, महिलाएं और बच्चे घंटों लाइन में खड़े होकर खाद का टोकन पाने की उम्मीद में भीगते रहे।
